नैशनल लेवल की वॉलिबॉल प्लेयर अरुणिमा 12 अपैल 2011 में जब लखनऊ से दिल्ली जा रही थीं उस दौरान ट्रेन में चेन
खींचे जाने का विरोध करने पर गुंडो ने उन्हें पद्मावती एक्सप्रेस से नीचे
फेंक दिया था।वह एक चलती हुई ट्रेन से टकराईं और बुरी तरह घायल हो गईं थीं। इलाज के
दौरान डाक्टरों ने उसकी जान बचाने के लिए उसका बायां पांव काट दिया गया था।
डॉक्टरों का जोर इसी पर था कि उनकी कटी हुई टांग में इन्फेक्शन न फैले और
घाव जल्द से जल्द भर जाएं। उन्हें नकली पैर लगाना पड़ा था। अरुणिमा की रीढ़
की हड्डी में भी तीन फैक्चर पाए गए थे। उनके दाएं पैर की भी दो हड्डियां
टूटी हैं जिन्हें ठीक करने के लिए कुछ दिन बाद ऑपरेशन किया जाए।
This did not stop her from dreaming the impossible, on May 21st, 2013,
Arunima summited Mount Everest. Watch as she takes us along on her
journey in this passionate talk.
अरुणिमा सिन्हा ने देश का सर शान से ऊंचा कर दिया है। उन्होंने एवरेस्ट
फतह कर लिया है और इसी के साथ अंग गंवाकर एवरेस्ट पर पहुंचने वाली पहली
भारतीय बन गई हैं।
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